लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे को लखनऊ जेल पहुंचने के बाद मुलाहिजा बैरक में रखा गया है। गुरुवार, 22 अक्टूबर की देर शाम श्रद्धा अपनी बहन रश्मि दुबे के साथ जेल पहुंचीं। जेल सूत्रों के मुताबिक, पहली रात दोनों बहनों ने केवल पानी पिया और सो गईं। शुक्रवार सुबह नाश्ते में उन्होंने दलिया खाया। इस बीच, मामले की जांच में पुलिस को एक मोबाइल फोन और घरेलू सहायिका के बयान से जुड़े अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है।
आखिर क्या होती है मुलाहिजा बैरक?
जेल में पहली बार आने वाले बंदियों को आमतौर पर मुलाहिजा बैरक में रखा जाता है। यहां नए कैदियों की सेहत, मानसिक स्थिति और व्यवहार पर नजर रखी जाती है। साथ ही, उन्हें जेल के नियमों और वहां की दिनचर्या से परिचित कराया जाता है।
इस अवधि में जेल प्रशासन यह भी पता लगाने की कोशिश करता है कि नए बंदी की किसी पुराने कैदी से दुश्मनी या सुरक्षा संबंधी कोई परेशानी तो नहीं है। इसका उद्देश्य नए बंदियों की स्थिति का आकलन करना और जेल के भीतर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। श्रद्धा दुबे और उनकी बहन को भी इसी प्रक्रिया के तहत मुलाहिजा बैरक में रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल में फेंके गए मोबाइल की तलाश में पुलिस
शिवा शर्मा मौत मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा दुबे ने कथित तौर पर अपना एक मोबाइल फोन नेपाल में फेंक दिया था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस फोन से मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
पुलिस इस मोबाइल फोन और उससे जुड़े संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि फोन बरामद होने पर यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले श्रद्धा किन लोगों के संपर्क में थीं और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका थी। हालांकि, इन संभावनाओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घरेलू सहायिका के बयान से जांच को मिला नया सिरा
मामले में श्रद्धा दुबे की घरेलू सहायिका का बयान भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सहायिका ने दावा किया कि 9 अक्टूबर की शाम श्रद्धा और शिवा शर्मा के बीच विवाद हुआ था। पूछताछ के दौरान श्रद्धा ने भी उस दिन शिवा के साथ कहासुनी होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, उनका कहना है कि शिवा ने उनके सामने बालकनी से कूदकर आत्महत्या की थी।
अब पुलिस के सामने घटना के वास्तविक क्रम का पता लगाने की चुनौती है। जांच में बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों का मिलान किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उस दिन आखिर क्या हुआ था।
जांच के नतीजों पर टिकी नजरें
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। नेपाल में फेंका गया मोबाइल, घरेलू सहायिका का बयान और 9 अक्टूबर को हुए विवाद की परिस्थितियां जांच के अहम बिंदु बने हुए हैं।

