नई दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को लेकर जारी राजनीतिक गतिविधियों और विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है। दिल्ली पुलिस ने उनके आवास के आसपास अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा बढ़ाने का फैसला सामने आए खतरे से जुड़ी खुफिया सूचनाओं और राजधानी में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए लिया गया है।
धमकी की जानकारी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ज्ञानेश कुमार को धमकी मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उन्हें पहले से ही Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उनके आवास के बाहर सुरक्षा घेरा और मजबूत किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय जिला पुलिस की अतिरिक्त तैनाती भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
SIR को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाए जाने का घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है, जब चुनाव आयोग की मतदाता सूची में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेता SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। ऐसे में दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
Z-प्लस सुरक्षा में कितने जवान रहते हैं?
देश की सुरक्षा व्यवस्था में Z-प्लस दूसरी सबसे ऊंची श्रेणी मानी जाती है। यह SPG सुरक्षा के बाद आती है। इस श्रेणी के तहत सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के आवास, आवाजाही और काफिले की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।
बताया गया है कि ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा में एक शिफ्ट के दौरान करीब 50 जवान तैनात रहेंगे। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वित किया जाएगा।
दिल्ली में 23 हजार जवानों की तैनाती
विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए CAPF की 221 कंपनियां, यानी करीब 23 हजार जवान, तैनात किए हैं।
इनमें CRPF की अतिरिक्त कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्हें जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से दिल्ली बुलाया जा रहा है। इन जवानों की तैनाती का उद्देश्य विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करना और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना है।
फिलहाल राजधानी में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और संवेदनशील इलाकों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।

