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जन्मदिन पर लवलीना बोरगोहेन का गोल्डन पंच एशियन गेम्स में जीता गोल्ड

जन्मदिन पर लवलीना बोरगोहेन का गोल्डन पंच एशियन गेम्स में जीता गोल्ड

भारतीय बॉक्सिंग के लिए 2 अक्टूबर 2026 का दिन खास बन गया। स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन के दिन रिंग में उतरकर ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। एशियन गेम्स 2026 के महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।इस जीत के साथ लवलीना ने पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। इतना ही नहीं, वह एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में हासिल की थी। इस तरह भारतीय महिला बॉक्सिंग को 12 साल बाद एशियन गेम्स में फिर स्वर्ण पदक मिला है।

जन्मदिन पर मिला सबसे खास तोहफा

लवलीना के लिए इस जीत की खुशी इसलिए भी दोगुनी रही क्योंकि फाइनल मुकाबला उनके जन्मदिन के दिन हुआ। 29 साल की लवलीना ने चीन की बाओ जियी के खिलाफ पूरे मुकाबले में धैर्य और अनुभव का इस्तेमाल किया और आखिर में पांचों जजों का फैसला अपने पक्ष में किया।
मुकाबले से पहले ही लवलीना की नजर गोल्ड पर थी। फाइनल में पहुंचने के बाद उनके सामने चीन की बाओ जियी जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी थीं, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने दबाव में अपना संतुलन नहीं खोया।

फाइनल में कैसी रही लवलीना की शुरुआत?
फाइनल मुकाबले की शुरुआत काफी करीबी रही। बाओ जियी ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत करते हुए लवलीना पर लगातार पंच लगाने की कोशिश की। लवलीना ने हालांकि जल्दबाजी करने के बजाय अपनी लंबाई और रीच का फायदा उठाया और काउंटर पंच के जरिए जवाब दिया।
पहले राउंड में मुकाबला काफी करीबी रहा और लवलीना ने 3-2 के अंतर से बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में चीनी मुक्केबाज ने दबाव बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन लवलीना ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए दूरी बनाए रखी और सही मौकों पर पंच लगाए। दूसरे राउंड में भी जजों का फैसला भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में रहा।
तीसरे राउंड में लवलीना ने अपनी बढ़त को संभालने पर ज्यादा ध्यान दिया। बाओ जियी लगातार आगे बढ़कर हमले करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन लवलीना ने डिफेंस और काउंटर अटैक का अच्छा इस्तेमाल किया। मुकाबला खत्म होने के बाद जब जजों का फैसला आया तो पांचों जजों ने लवलीना को विजेता माना और उन्हें 5-0 से जीत मिली।

पिछली बार सिल्वर, इस बार गोल्ड
लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में उन्हें रजत पदक मिला था। हांगझोउ में वह फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन गोल्ड मेडल मुकाबले में चीन की ली कियान से हार गई थीं। उस समय उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा था।
इस बार लवलीना ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और फाइनल में जीत दर्ज कर पदक का रंग बदल दिया। यानी पिछली बार जहां सफर सिल्वर पर खत्म हुआ था, इस बार उसी मंच पर उन्होंने गोल्ड अपने नाम कर लिया।

लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचीं
लवलीना की यह उपलब्धि सिर्फ गोल्ड मेडल तक सीमित नहीं है। वह लगातार दो एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज भी बनीं। इस बार फाइनल तक पहुंचने के सफर में उन्होंने दक्षिण कोरिया की सियोंग सूयोन को क्वार्टर फाइनल में 5-0 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की मौजूदा विश्व चैंपियन नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
इसके बाद फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर लवलीना ने अपने अभियान को स्वर्ण पदक के साथ खत्म किया।

मैरी कॉम के बाद लवलीना का नाम

एशियन गेम्स में भारतीय महिला बॉक्सिंग के इतिहास में मैरी कॉम का नाम पहले से दर्ज है। उन्होंने 2014 में स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी। अब 12 साल बाद लवलीना ने भी एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर इस सूची में अपना नाम जोड़ लिया है।
लवलीना पहले ही टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। एशियन गेम्स का यह गोल्ड उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की उपलब्धियों में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ता है।

जन्मदिन फाइनल और गोल्ड एक ही दिन बना यादगार

लवलीना के लिए 2 अक्टूबर का दिन इसलिए खास रहेगा क्योंकि इसी दिन उनका जन्मदिन भी है और इसी दिन उन्होंने एशियन गेम्स का अपना पहला स्वर्ण पदक भी जीता। रिंग में जीत के बाद भारतीय दल में खुशी का माहौल देखने को मिला।एक तरफ जन्मदिन की खुशी और दूसरी तरफ देश के लिए गोल्ड मेडल—लवलीना के लिए यह दिन उनके बॉक्सिंग करियर के यादगार दिनों में शामिल हो गया है।एशियन गेम्स 2026 में लवलीना की यह जीत भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 12 साल बाद एशियन गेम्स में महिला बॉक्सिंग का गोल्ड भारत के खाते में आया है और इस बार यह गोल्ड एक ऐसे दिन मिला, जब लवलीना खुद अपना जन्मदिन मना रही थीं

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