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दिवाली से पहले पुरानी दिल्ली में हादसा, चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत ढही; 2 की मौत, 4 सुरक्षित निकाले गए

दिवाली से पहले पुरानी दिल्ली में हादसा, चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत ढही; 2 की मौत, 4 सुरक्षित निकाले गए

दिल्ली। दिवाली की तैयारियों और खरीदारी के बीच राजधानी दिल्ली के पुराने इलाके चावड़ी बाजार से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। गुरुवार सुबह चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के नजदीक गली सितारा में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी। हादसे के समय इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी वजह से वहां मजदूरों और अन्य लोगों की मौजूदगी बताई जा रही है। अब तक मलबे से दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

सुबह अचानक ढह गई तीन मंजिला इमारत
जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 9:50 बजे हुआ। चावड़ी बाजार की गली सितारा में स्थित तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक नीचे आ गिरी। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। आसपास की दुकानों और मकानों में मौजूद लोग भी घटना से सहम गए। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। इसके बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

मलबे से मिले दो शव, चार सुरक्षित निकाले गए
इस हादसे में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों ने मलबे से दो शव बरामद किए हैं। वहीं, राहत एवं बचाव दल ने चार अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति घायल भी हुआ है। हालांकि, बचाव अभियान अभी जारी है और मलबे के नीचे किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए सावधानीपूर्वक तलाशी ली जा रही है।

फायर विभाग के अधिकारी राजेश शुक्ला के मुताबिक, अब तक कुल छह लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। इनमें दो की मौत हो चुकी है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।

चावड़ी बाजार की तंग गलियां बनीं बचाव अभियान में चुनौती
पुरानी दिल्ली का चावड़ी बाजार इलाका अपनी घनी आबादी और बेहद संकरी गलियों के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि हादसे के बाद राहत कार्य में बचाव टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारी मशीनरी और बड़े वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचाना आसान नहीं है। ऐसे में मलबा हटाने के लिए स्थानीय लोगों की मदद और उपलब्ध संसाधनों का सहारा लिया जा रहा है। बचावकर्मी बेहद सावधानी से मलबे को हटाते हुए अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

दमकल की छह गाड़ियां और कई टीमें मौके पर तैनात
घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने छह गाड़ियों और विभिन्न राहत इकाइयों को मौके पर लगाया है। इनमें वाटर टेंडर, वाटर बाउजर, क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल और इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास के इलाके को घेर लिया है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और राहत कार्य में कोई बाधा न आए। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बचाव दल और संसाधनों को भी तैयार रखा गया है।

हादसे की वजह पर उठे सवाल
फिलहाल इमारत गिरने के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। निर्माणाधीन भवन अचानक कैसे ढहा और क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था, ये जांच के अहम विषय होंगे। प्रशासन की ओर से राहत अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है। दिवाली से ठीक पहले हुए इस हादसे ने पुरानी दिल्ली के निर्माणाधीन भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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