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नोएडा के करीब 12 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने संभाला मोर्चा

नोएडा के करीब 12 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने संभाला मोर्चा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सोमवार, 12 अक्टूबर की सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब करीब 12 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन से लेकर अभिभावकों तक में चिंता बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। अलग-अलग स्कूल परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया गया। शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर जांच जारी है।

ई-मेल से मिली धमकी, कई स्कूलों में बढ़ाई गई सतर्कता
जानकारी के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 12 स्कूलों को ई-मेल के जरिए धमकी दी गई। जिन संस्थानों के नाम शुरुआती जानकारी में सामने आए हैं, उनमें नोएडा के सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन शामिल हैं। धमकी की खबर फैलते ही स्कूल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी।

कुछ स्कूलों ने एहतियाती कदम उठाते हुए बच्चों को घर भेजना शुरू कर दिया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। वहीं, अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। पुलिस ने संबंधित स्कूलों में पहुंचकर हालात का जायजा लिया और परिसर की जांच शुरू कर दी।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने की तलाशी
धमकी मिलने की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और अग्निशमन विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। सुरक्षा टीमों ने स्कूलों के अंदर और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली। जांच का उद्देश्य किसी भी संभावित विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु का पता लगाना था।

प्रारंभिक तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई नहीं बरती है। स्कूल परिसरों में जांच और निगरानी जारी रखी गई है, ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

धमकी भरा ई-मेल कहां से आया? साइबर टीम जुटा रही जानकारी
इस मामले में पुलिस की साइबर टीम भी सक्रिय है। जांचकर्ता धमकी भरे ई-मेल की तकनीकी पड़ताल कर रहे हैं, ताकि संदेश भेजने वाले की पहचान की जा सके। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। फिलहाल, धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान और मकसद को लेकर कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस की अपील
स्कूलों को मिली धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। शुरुआती जांच में संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। पुलिस और संबंधित टीमें अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। इस बीच लोगों से अपुष्ट खबरें साझा नहीं करने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। फिलहाल प्राथमिकता स्कूलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने की है।

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