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5G से सेमीकंडक्टर तक भारत की डिजिटल छलांग, PM मोदी बोले- तकनीक अब सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं

5G से सेमीकंडक्टर तक भारत की डिजिटल छलांग, PM मोदी बोले- तकनीक अब सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते बुधवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत के टेलीकॉम और डिजिटल क्षेत्र में पिछले वर्षों में हुए बदलावों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट अब सिर्फ लोगों को आपस में जोड़ने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका असर शासन, कारोबार, रोजगार, मनोरंजन और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी तक पहुंच चुका है।

इस साल इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘Scale Without Boundaries’ यानी ‘सीमाओं से परे विस्तार’ है। यह आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक यशोभूमि में हो रहा है। इसमें 100 से अधिक देशों की भागीदारी है और 5G-6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर फोकस किया जा रहा है।

मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत का साधन नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की डिजिटल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मोबाइल फोन और इंटरनेट ने आम नागरिक के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। तकनीक की वजह से लोगों का समय बचा है, सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है और कई कामों के लिए दफ्तरों या लंबी कतारों में जाने की जरूरत कम हुई है।

उन्होंने डिजिटल कनेक्टिविटी को आम नागरिक के लिए मिलने वाले बड़े फायदे से जोड़ते हुए बताया कि तकनीक ने यात्रा, इंतजार और खर्च को कम करने में मदद की है। उनके मुताबिक, मोबाइल और डिजिटल सेवाएं अब केवल बातचीत का जरिया नहीं रह गई हैं, बल्कि नागरिकों की सुविधा और आर्थिक गतिविधियों का अहम हिस्सा बन चुकी हैं।

5G का तेजी से हुआ विस्तार
प्रधानमंत्री ने भारत में 5G नेटवर्क के विस्तार को देश की डिजिटल प्रगति का अहम उदाहरण बताया। सरकार के मुताबिक, भारत में 5G सेवाएं अब देश के 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुकी हैं और करीब 85 प्रतिशत आबादी तक इनकी पहुंच है। वहीं, 98.7 प्रतिशत गांवों में 4G कनेक्टिविटी उपलब्ध है। देश में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 1.01 अरब और इंटरनेट ग्राहकों की संख्या एक अरब से अधिक हो चुकी है।

यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने कुछ ही वर्षों में मोबाइल इंटरनेट के इस्तेमाल और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में काफी तेजी दिखाई है। अब सरकार और टेलीकॉम कंपनियों का फोकस केवल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी की तकनीकों को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने पर भी है।

इंटरनेट की रफ्तार ने बदली गेमिंग और कंटेंट की दुनिया
पीएम मोदी ने इंटरनेट की बढ़ती स्पीड के असर का जिक्र करते हुए कहा कि तेज कनेक्टिविटी ने डिजिटल दुनिया के इस्तेमाल का तरीका बदल दिया है। मोबाइल अब केवल कॉल और चैटिंग तक सीमित नहीं हैं। गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, डिजिटल कंटेंट और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार हुआ है।

तेज इंटरनेट ने युवाओं के लिए नए डिजिटल अवसर पैदा किए हैं। गेमिंग और ऑनलाइन कंटेंट के अलावा शिक्षा, डिजिटल कारोबार और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण साबित हुई है। प्रधानमंत्री ने तकनीक को युवाओं की रचनात्मकता और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया।

डिजिटल तकनीक से शासन में भी बदलाव
प्रधानमंत्री ने डिजिटल कनेक्टिविटी को सुशासन से जोड़ते हुए कहा कि तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए भी किया जा रहा है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भुगतान, पहचान, सरकारी सेवाओं और लाभ पहुंचाने की व्यवस्था में बदलाव आया है। पीएम मोदी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का उल्लेख करते हुए दावा किया कि डिजिटल सिस्टम की मदद से सरकारी योजनाओं में होने वाली लीकेज को कम करने में मदद मिली है।

इसका बड़ा असर उन योजनाओं पर पड़ा है जहां सरकार की ओर से सीधे लाभार्थियों के खातों में पैसा भेजा जाता है। डिजिटल सिस्टम ने लाभार्थी तक सरकारी सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक सीधा बनाने में भूमिका निभाई है।

सेमीकंडक्टर निर्माण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रही प्रगति को भी रेखांकित किया। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत को केवल मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बड़ा बाजार नहीं, बल्कि इनके निर्माण और तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण केंद्र भी बनना चाहिए।

सेमीकंडक्टर आज मोबाइल फोन, कंप्यूटर, कार, रक्षा उपकरण, एआई सिस्टम और लगभग हर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में भारत में चिप निर्माण और उससे जुड़ी पूरी सप्लाई चेन तैयार करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।सरकार के अनुसार भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़े 10 प्रोजेक्ट्स पर काम आगे बढ़ रहा है। इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

भारत अब अपनी तकनीक विकसित करने की दिशा में
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता भी एक बड़ा विषय रही। सरकार के मुताबिक भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है जिसने अपना स्वदेशी 4G स्टैक विकसित किया है। इसका मतलब है कि देश अब सिर्फ विदेशी तकनीक के इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि टेलीकॉम नेटवर्क की बुनियादी तकनीक खुद विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत का फोकस अब 6G जैसी अगली पीढ़ी की तकनीक पर भी है। 5G के विस्तार के साथ ही देश में 6G रिसर्च, एआई आधारित नेटवर्क और क्वांटम कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में काम को आगे बढ़ाया जा रहा है

साइबर सुरक्षा को लेकर भी बड़ी चुनौती
डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ रही है। इसी वजह से इंडिया मोबाइल कांग्रेस में साइबर सिक्योरिटी को प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री ने इससे पहले ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (GSMA) के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत में भी तकनीक को समावेशी और टिकाऊ विकास का साधन बनाने तथा साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करने पर जोर दिया था।
यानी भारत के डिजिटल विस्तार के साथ अब सुरक्षित नेटवर्क, डेटा सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव को भी उतनी ही अहमियत दी जा रही है।

10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस में क्या खास है?
इस बार का इंडिया मोबाइल कांग्रेस पहले के मुकाबले और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में 500 से ज्यादा पार्टनर और प्रदर्शक, 600 से अधिक स्टार्टअप और करीब 900 विचारक व विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। आयोजन में 2,000 से ज्यादा टेक्नोलॉजी यूज केस और 120 से अधिक सत्र रखे गए हैं।

इस बार 5G और 6G के अलावा एआई नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हो रही है। इसके साथ स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम एक्सपीरियंस, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।

भारत के डिजिटल भविष्य पर नजर
पीएम मोदी का संदेश साफ रहा कि आने वाले समय में तकनीक भारत की अर्थव्यवस्था और समाज में और बड़ी भूमिका निभाने वाली है। 5G के विस्तार से लेकर 6G की तैयारी, डिजिटल पेमेंट से लेकर सरकारी सेवाओं तक और मोबाइल निर्माण से लेकर सेमीकंडक्टर तक भारत अपने डिजिटल इकोसिस्टम को व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 10वां संस्करण इसी बदलाव को वैश्विक मंच पर दिखाने का एक बड़ा अवसर है। सरकार की कोशिश है कि भारत केवल तकनीक का बड़ा उपभोक्ता न रहे, बल्कि तकनीक के विकास, निर्माण और निर्यात में भी अपनी मजबूत जगह बनाए।

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