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मथुरा। प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम से जुड़े मामलों के बीच भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर किया गया एक दावा अब चर्चा में आ गया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि राजस्थान के एक कारोबारी ने प्रेमानंद महाराज के वीडियो को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विराट कोहली को बुलाने के लिए कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। हालांकि, विराट कोहली की टीम ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

फलाहारी महाराज ने क्या दावा किया था?
दिनेश फलाहारी महाराज ने न्यूज 18 इंडिया को दिए इंटरव्यू में प्रेमानंद महाराज के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह पहले से महाराज को जानते हैं और उनकी सेवा में भी रह चुके हैं। फलाहारी महाराज के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज सरल स्वभाव के संत हैं और राधा रानी के साधक हैं।

उन्होंने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज के वीडियो देखने के बाद राजस्थान के एक कारोबारी ने उनसे संपर्क किया था। कारोबारी कथित तौर पर संत के विचारों से प्रभावित था और चाहता था कि उनके संदेश और वीडियो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचें।

फलाहारी महाराज के अनुसार, इसी दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने और अपने प्रवचन के वीडियो ऑनलाइन साझा करने का सुझाव दिया था। उनका दावा था कि इसके बाद महाराज के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों तक पहुंचने लगे।

विराट कोहली को बुलाने से जुड़ा क्या दावा?
फलाहारी महाराज ने आगे दावा किया कि राजस्थान के उस कारोबारी ने प्रेमानंद महाराज के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के लिए विराट कोहली को बुलाया और इसके लिए कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि विराट कोहली के प्रेमानंद महाराज से मिलने के बाद संत के वीडियो और संदेशों का प्रसार बहुत तेजी से बढ़ा।

यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब प्रेमानंद महाराज और उनके केलीकुंज आश्रम से जुड़ी गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं। खासतौर पर उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोदी की मौत के बाद आश्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं और दावे सामने आए हैं।

विराट कोहली की टीम ने दावे को किया खारिज
फलाहारी महाराज के इस दावे पर अब विराट कोहली की टीम की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। क्रिकेटर के प्रवक्ता ने 5 करोड़ रुपये में विराट कोहली को बुलाए जाने के दावे को पूरी तरह गलत बताया है। प्रवक्ता के मुताबिक, यह दावा झूठा, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत है।

विराट कोहली की टीम ने स्पष्ट किया कि क्रिकेटर प्रेमानंद महाराज से किसी कारोबारी सौदे या भुगतान के कारण नहीं मिलते। उनकी मुलाकात का आधार व्यक्तिगत आस्था और संत के प्रति सम्मान है। टीम ने यह भी कहा कि ऐसे दावों को आगे बढ़ाने या रिपोर्ट करने से पहले तथ्यों की उचित तरीके से जांच की जानी चाहिए।

आस्था को बताया मुलाकात की वजह
विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा कई मौकों पर प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुके हैं। दोनों की संत से मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आते रहे हैं। इसी वजह से फलाहारी महाराज के बयान के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आया। हालांकि, अब विराट कोहली की टीम ने साफ कर दिया है कि प्रेमानंद महाराज से मिलने के पीछे किसी तरह का आर्थिक लेनदेन नहीं था। टीम ने इसे आस्था और श्रद्धा से जुड़ा विषय बताया है।

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