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राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों का बीजेपी ने किया ऐलान, संगठन के पदाधिकारी को राज्यसभा में मिली जगह

राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों का बीजेपी ने किया ऐलान, संगठन के पदाधिकारी को राज्यसभा में मिली जगह

राज्यसभा चुनाव: उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। BJP ने प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में से अपने हिस्से की 8 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी सूची में कई अनुभवी नेताओं के साथ संगठन में लंबे समय से सक्रिय चेहरों को भी जगह दी गई है। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को टिकट नहीं मिलने की हो रही है।

पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद उम्मीदवारों की सूची BJP के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी और राज्यसभा सांसद तरुण चुग की ओर से जारी की गई। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। ऐसे में BJP की इस सूची को आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक समीकरणों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

BJP ने इन 8 नेताओं पर जताया भरोसा
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजने के लिए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम घोषित किए हैं।

सूची पर नजर डालें तो इसमें सरकार में मंत्री, पूर्व सांसद, संगठन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े चेहरे शामिल हैं। यानी BJP ने उम्मीदवारों के चयन में राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ संगठन और सामाजिक प्रतिनिधित्व का भी संतुलन बनाने की कोशिश की है।

धर्मपाल सिंह को मिला बड़ा मौका
BJP ने उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। वह बरेली की आंवला विधानसभा सीट से विधायक हैं और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। धर्मपाल सिंह को संगठन और सरकार दोनों का अनुभव है। ऐसे में राज्यसभा के लिए उनका चयन पार्टी के लिए अनुभवी राजनीतिक चेहरे को संसद में भेजने की रणनीति के तौर पर देखा जा सकता है।

राधाकांत ओझा पर भी पार्टी ने जताया भरोसा
इस सूची में वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा का नाम भी शामिल है। वह इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ वह प्रयागराज में एक जाना-पहचाना नाम हैं। राधाकांत ओझा को बार एसोसिएशन की अध्यक्षता की जिम्मेदारी भी दो बार मिल चुकी है। ऐसे में उनके जरिए BJP ने कानूनी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनुभवी चेहरे को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने का फैसला किया है।

OBC और दलित समीकरण पर भी फोकस
BJP की सूची में प्रकाश पाल और विद्यासागर सोनकर के नाम भी खास हैं। प्रकाश पाल फिलहाल उत्तर प्रदेश भाजपा OBC मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इससे पहले वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

वहीं, विद्यासागर सोनकर BJP के वरिष्ठ दलित नेताओं में गिने जाते हैं। वह पूर्व सांसद और पूर्व विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। पार्टी संगठन में प्रदेश महामंत्री जैसी जिम्मेदारी निभाने के अलावा वह जौनपुर के मछलीशहर क्षेत्र से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। उनके नाम से BJP ने अपने दलित प्रतिनिधित्व को भी मजबूती देने का संदेश दिया है।

संगठन के पुराने चेहरों को भी मौका
गोपी कृष्ण पाण्डेय को भी BJP ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। वह लंबे समय से पार्टी के संगठनात्मक कामकाज से जुड़े रहे हैं। जमीनी स्तर पर पार्टी के अभियानों और संगठन को मजबूत करने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। इसी तरह राम प्रताप सिंह चौहान भी BJP संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह पार्टी के प्रदेश महामंत्री होने के साथ पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी भी हैं। इससे पहले वह आगरा की एत्मादपुर विधानसभा सीट से 2017 से 2022 तक विधायक रह चुके हैं।

प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार को भी जगह
BJP ने महिला प्रतिनिधित्व को भी सूची में स्थान दिया है। प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से पूर्व लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। वह पार्टी का प्रमुख महिला चेहरा हैं और संगठन में प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सक्रिय रही हैं।

वहीं, श्रुति गंगवार को भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। वह बरेली की अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। IIT से पढ़ाई कर चुकीं श्रुति गंगवार वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्यपाल संतोष गंगवार की पुत्री हैं। बरेली और बहेड़ी क्षेत्र में उनकी सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता भी रही है।

हरदीप सिंह पुरी को नहीं मिला टिकट
BJP की सूची में सबसे बड़ा चौंकाने वाला नाम वह है, जो इसमें नहीं है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उत्तर प्रदेश से दोबारा राज्यसभा भेजने की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन पार्टी की घोषित सूची में उन्हें जगह नहीं मिली।

पुरी का कार्यकाल समाप्त होने वाले उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सदस्यों में शामिल है। उनके अलावा अरुण सिंह और नीरज शेखर का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। ऐसे में BJP की नई सूची ने उन चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगा दिया है, जिनमें पुरी के दोबारा राज्यसभा पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी।

16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। BJP ने अपने 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित करके चुनावी तस्वीर को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बाकी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नाम कब घोषित करते हैं और चुनाव के दौरान किस तरह के राजनीतिक समीकरण बनते हैं।

BJP की सूची में सरकार, संगठन, OBC, दलित और महिला प्रतिनिधित्व का मिश्रण दिखाई देता है। ऐसे में इन उम्मीदवारों के चयन को केवल राज्यसभा की सीटों तक सीमित न मानकर पार्टी की व्यापक राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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