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Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन आज, भाई की कलाई पर राखी बांधते समय जरूर बोलें यह मंत्र, जानिए सही विधि

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन आज, भाई की कलाई पर राखी बांधते समय जरूर बोलें यह मंत्र, जानिए सही विधि

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का पर्व रक्षाबंधन आज देशभर में मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी, स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की मंगलकामना करती हैं। वहीं भाई भी बहन की हर परिस्थिति में रक्षा और साथ देने का संकल्प लेते हैं। राखी का यह छोटा सा धागा भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास की मजबूत डोर का प्रतीक माना जाता है।

रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय शुभ मुहूर्त के साथ मंत्र का भी विशेष महत्व बताया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्षासूत्र बांधते समय मंत्र का जाप करने से इस पवित्र अनुष्ठान का महत्व और बढ़ जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. धनेश मणि त्रिपाठी के अनुसार, बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधते समय विशेष मंत्र का जाप करना चाहिए।

राखी बांधते समय बोलें यह मंत्र
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय इस पारंपरिक मंत्र का जाप करें –

“येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”

इस मंत्र में राजा बलि का उल्लेख मिलता है। इसका भावार्थ है कि जिस रक्षा सूत्र से अत्यंत शक्तिशाली दानवराज बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूं। हे रक्षासूत्र! तुम अपने संकल्प और सुरक्षा के भाव से अडिग रहो। मंत्र का जाप करते हुए बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधें और उसके सुख, समृद्धि तथा सुरक्षित जीवन की प्रार्थना करें।

कब बांधें राखी?
ज्योतिषाचार्य डॉ. धनेश मणि त्रिपाठी बताते हैं कि पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 तारीख को सुबह में 9 बजकर 9 मिनट पर होगा और 28 तारीख को सुबह में 9 बजकर 49 मिनट पर तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में 28 तारीख को राखी बांधने के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह में 9 बजकर 49 मिनट तक ही रहेगा।

राखी बांधने का मुहूर्त 28 अगस्त 2026 ( Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat )
चल चौघड़िया – सुबह में 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक।
लाभ चौघड़िया – सुबह में 7 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक।
अमृत चौघड़िया – सुबह में 9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक।
शुभ चौघड़िया – दोपहर में 12 बजकर 22 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक।

कैसे बांधें भाई को राखी?
रक्षाबंधन के दिन राखी बांधते समय कुछ पारंपरिक बातों का ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर-पूर्व यानी ईशान दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। सबसे पहले भाई को पूजा के लिए उचित स्थान पर बैठाएं। इसके बाद बहन और भाई अपने सिर पर साफ कपड़ा रख सकते हैं। फिर भाई के माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक करें और उसके ऊपर अक्षत लगाएं। इसके बाद भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधते हुए ऊपर दिए गए मंत्र का जाप करें।

राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाई जाती है। भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके सुख और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है। इस तरह पूजा की यह छोटी सी प्रक्रिया भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और अपनापन और गहरा करती है।

आज रक्षाबंधन पर भद्रा का क्या है प्रभाव?
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भद्रा के दौरान शुभ कार्य करने से बचा जाता है। इस वर्ष रक्षाबंधन के दिन भद्रा का प्रभाव राखी बांधने के समय नहीं रहेगा, इसलिए बहनें शुभ समय में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। वहीं इस बार पंचक भी पड़ रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पंचक के दौरान राखी बांधने पर कोई विशेष दोष नहीं माना जाता। इसलिए आज भाई-बहन शुभ समय में विधि-विधान के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकते हैं।

रक्षाबंधन परंपरा के साथ रिश्ते का विश्वास
रक्षाबंधन का असली भाव किसी एक रस्म तक सीमित नहीं है। राखी भाई-बहन के बीच उस भरोसे का प्रतीक है, जिसमें सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का संकल्प छिपा होता है। यही वजह है कि हर साल रक्षाबंधन का पर्व परिवारों को प्रेम, स्नेह और आपसी विश्वास की डोर में बांधने का अवसर लेकर आता है।

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