WTC Final 2027: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 का सफर अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। भारत दो बार WTC फाइनल तक पहुंच चुका है, लेकिन दोनों मौकों पर खिताब जीतने से चूक गया। अब शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के सामने एक बार फिर फाइनल में जगह बनाने की चुनौती है। मौजूदा स्थिति देखें तो भारत के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं रहने वाला है।
WTC पॉइंट्स टेबल में कहां है टीम इंडिया?
भारत ने मौजूदा WTC चक्र में अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें टीम को 4 मुकाबलों में जीत, 4 में हार और एक मैच में ड्रॉ मिला है। इसके चलते भारत का PCT 48.15 फीसदी है और टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है।
WTC में अंक के साथ Points Percentage (PCT) सबसे अहम होता है। मौजूदा नियमों के तहत जीत पर 12, ड्रॉ पर 4 और टाई पर 6 अंक मिलते हैं, जबकि हार की स्थिति में कोई अंक नहीं मिलता। लीग चरण के अंत में शीर्ष दो टीमें ही फाइनल के लिए क्वालीफाई करती हैं। ऐसे में भारत को अब अपने बाकी मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
अब भारत को खेलने हैं 9 टेस्ट
भारतीय टीम के लिए इस WTC चक्र में अभी 9 टेस्ट मैच बाकी हैं। शुरुआत श्रीलंका दौरे से होगी, जहां भारत को दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की अहम सीरीज होगी। यानी भारत के पास वापसी करने के मौके तो हैं, लेकिन हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा। खासकर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले मैच फाइनल की रेस में भारत की दिशा काफी हद तक तय कर सकते हैं।
फाइनल में पहुंचने के लिए कितनी जीत जरूरी?
मौजूदा गणित के हिसाब से भारत को अपने बचे हुए 9 टेस्ट में कम से कम 7 जीत हासिल करने का लक्ष्य रखना होगा। इतनी जीत टीम को 60 फीसदी से ऊपर PCT की मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती है और फाइनल की दौड़ में बनाए रख सकती है।
अगर भारत 9 में से सभी 9 टेस्ट जीत लेता है, तो फाइनल में पहुंचने की स्थिति बेहद मजबूत हो जाएगी। वहीं 8 जीत और 1 हार का रिकॉर्ड भी भारत के लिए काफी बेहतर स्थिति तैयार कर सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण स्थिति 7 जीत की है। भारत अगर बाकी 9 में से 7 मैच जीतता है और दो में हार का सामना करता है, तब भी फाइनल की उम्मीद काफी मजबूत रह सकती है। हालांकि अंतिम क्वालीफिकेशन दूसरी टीमों के प्रदर्शन और अंतिम PCT पर भी निर्भर करेगा।
6 जीत पर क्यों बढ़ जाएगी मुश्किल?
भारत अगर बाकी 9 मैचों में केवल 6 जीत हासिल करता है तो स्थिति काफी पेचीदा हो सकती है। ऐसी स्थिति में टीम को बाकी मुकाबलों में ड्रॉ या जीत के जरिए अंक जुटाने होंगे। केवल 6 जीत और लगातार कुछ हार भारत के PCT को उस स्तर तक नहीं पहुंचने देंगी, जहां फाइनल की दावेदारी सुरक्षित मानी जा सके। यही वजह है कि भारत के लिए अब सिर्फ सीरीज जीतना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि ज्यादा से ज्यादा टेस्ट जीतना जरूरी है।
श्रीलंका सीरीज से शुरू होगी असली परीक्षा
15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज भारत के अभियान के लिए बेहद अहम है। टीम इंडिया अगर यहां दोनों मुकाबले जीतने में सफल रहती है तो उसे तुरंत फायदा मिलेगा और फाइनल की दौड़ में वापसी का रास्ता मजबूत होगा। भारत के लिए यह सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद उसे न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण टीमों का सामना करना है। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम के लिए यह चरण नई चुनौती लेकर आया है। इंग्लैंड में 2-2 से सीरीज ड्रॉ रहने के बाद अब टीम को अपनी निरंतरता साबित करनी होगी।
ऑस्ट्रेलिया सीरीज होगी सबसे बड़ा टेस्ट
भारत के बचे हुए मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज सबसे बड़ी चुनौती मानी जा सकती है। ऑस्ट्रेलिया मौजूदा WTC चक्र में मजबूत स्थिति में है और शीर्ष स्थान की दौड़ में बना हुआ है। ऐसे में भारत को सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने से काम नहीं चलेगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ भी नतीजे अपने पक्ष में करने होंगे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर बड़ी संख्या में जीत हासिल करनी होगी।
भारत के सामने साफ है लक्ष्य
टीम इंडिया के लिए समीकरण अब काफी स्पष्ट है – बाकी 9 टेस्ट में ज्यादा से ज्यादा जीत और PCT को 60 फीसदी से ऊपर ले जाना। सात जीत भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा सकती हैं, जबकि आठ या नौ जीत फाइनल की दावेदारी को बेहद मजबूत कर देंगी। हालांकि WTC में किसी टीम का फाइनल में पहुंचना केवल उसके अपने नतीजों पर निर्भर नहीं करता। बाकी दावेदार टीमों के प्रदर्शन और अंतिम PCT की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए भारत को अपने मैच जीतने के साथ-साथ पॉइंट्स टेबल पर नजर भी बनाए रखनी होगी।

