सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस वर्ष 3 अगस्त 2026 को सावन का पहला सोमवार है और देशभर में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव का व्रत रखकर उनकी पूजा-अर्चना करेंगे। धार्मिक मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक रखने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। हालांकि व्रत का अर्थ केवल पूरे दिन भूखे रहना नहीं है। यदि व्रत के दौरान सही फलाहार और संतुलित आहार लिया जाए, तो शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी महसूस नहीं होती।
व्रत में संतुलित फलाहार क्यों है जरूरी?
अक्सर लोग व्रत के दौरान लंबे समय तक कुछ भी नहीं खाते, जिससे शरीर में थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस होने लगती है। पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि व्रत के समय ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखें। हर तीन से चार घंटे के अंतराल पर हल्का फलाहार लेने से ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रहता है और पूरे दिन सक्रिय रहने में मदद मिलती है।
ताजे फल बन सकते हैं सबसे अच्छे साथी
सावन सोमवार के व्रत में मौसमी और ताजे फल सबसे सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प माने जाते हैं। केला, सेब, अनार, नाशपाती, पपीता और मौसमी जैसे फलों में विटामिन, मिनरल्स और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये न केवल शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं बल्कि पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखते हैं। फल शरीर में पानी की कमी भी नहीं होने देते और लंबे समय तक ताजगी का एहसास कराते हैं।
साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़ा देंगे भरपूर ताकत
व्रत के दौरान सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में साबूदाना प्रमुख है। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना खीर या हल्का साबूदाना वड़ा ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके अलावा कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी, चीला या पूरी भी फलाहार में शामिल की जा सकती है। इनमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट और अन्य पोषक तत्व शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में सहायक होते हैं और बार-बार भूख लगने की समस्या भी कम होती है।
मखाना और ड्राई फ्रूट्स रखें शरीर को मजबूत
यदि आप पूरे दिन खुद को ऊर्जावान रखना चाहते हैं तो सूखे मेवों और मखाने को अपनी व्रत वाली डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और पिस्ता शरीर को हेल्दी फैट, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। वहीं हल्के घी में भुना हुआ मखाना स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इनका सेवन करने से शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है।
सेंधा नमक और पर्याप्त पानी का रखें ध्यान
व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करना धार्मिक परंपरा के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहतर माना जाता है। इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। नारियल पानी, नींबू पानी या अन्य प्राकृतिक पेय पदार्थ भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने और थकान दूर करने में मदद करते हैं।
किन चीजों से बनानी चाहिए दूरी?
व्रत के नाम पर अत्यधिक तला-भुना भोजन, ज्यादा मिठाई या अधिक तेल में बनी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थ पाचन पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं और आलस्य या भारीपन महसूस करा सकते हैं। लंबे समय तक पूरी तरह खाली पेट रहने के बजाय समय-समय पर हल्का फलाहार लेना अधिक लाभदायक माना जाता है।
शाम को व्रत खोलते समय क्या खाएं?
पूरा दिन उपवास रखने के बाद एकदम भारी भोजन करना उचित नहीं माना जाता। व्रत खोलते समय हल्का और संतुलित भोजन लेना चाहिए। फल, मखाना, साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की रोटी या सिंघाड़े के आटे से बनी डिश अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इसके साथ नारियल पानी या नींबू पानी लेने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और पाचन तंत्र पर भी अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।
डायबिटीज मरीज रखें विशेष सावधानी
यदि किसी व्यक्ति को मधुमेह (डायबिटीज) है, तो उसे सावन सोमवार का व्रत रखने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए। लंबे समय तक खाली पेट रहने से ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए समय-समय पर फलाहार लेना, पर्याप्त पानी पीना और संतुलित व्रत आहार अपनाना अधिक सुरक्षित माना जाता है। यदि कमजोरी, चक्कर या अत्यधिक थकान महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वस्थ शरीर के साथ करें भगवान शिव की आराधना
सावन सोमवार का व्रत धार्मिक आस्था का प्रतीक है साथ ही संयम और अनुशासन का भी संदेश देता है। यदि व्रत के दौरान सही फलाहार, पर्याप्त पानी और पौष्टिक आहार का ध्यान रखा जाए तो पूरे दिन शरीर ऊर्जावान बना रहता है और पूजा-पाठ भी पूरे मन से किया जा सकता है।

