तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता सी. जोसेफ विजय ने राज्य की फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने 224 तमिल फिल्मों के निर्माताओं के लिए कुल 15.68 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की है। लंबे समय से इस आर्थिक मदद का इंतजार कर रहे फिल्म निर्माताओं के लिए यह फैसला किसी दिवाली गिफ्ट से कम नहीं है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ उन फिल्मों के निर्माताओं को मिलेगा, जो सीमित बजट में बनाई गई थीं और जिन्हें आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इस फैसले की जानकारी फिल्म निर्माता टी. शिवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय और संबंधित मंत्री राजमोहन अरुमुगम का आभार जताते हुए कहा कि करीब सात वर्षों से लंबित सब्सिडी का मामला अब जाकर पूरा हुआ है। उनके मुताबिक, इस फैसले से 224 फिल्म निर्माताओं और उनके परिवारों को नई उम्मीद मिली है।
सात साल का इंतजार खत्म, निर्माताओं को मिली राहत
निर्माता टी. शिवा ने अपनी पोस्ट में बताया कि फिल्म सब्सिडी जारी कराने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। करीब सात साल तक मामला अटका रहने के बाद सरकार ने आखिरकार राशि जारी कर दी। शिवा ने कहा कि इस मदद से ऐसे कई परिवारों को राहत मिलेगी, जिनकी आजीविका फिल्म निर्माण से जुड़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के साथ मंत्री राजमोहन अरुमुगम को भी धन्यवाद दिया, जिनके प्रयासों से यह प्रक्रिया पूरी हो सकी।
224 निर्माताओं को मिले 7-7 लाख रुपये
चेन्नई के चेपॉक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु सरकार की ओर से 224 फिल्मों के निर्माताओं को सब्सिडी के चेक सौंपे गए। इस योजना के तहत प्रत्येक निर्माता को सात लाख रुपये की सहायता दी गई। कुल जारी की गई राशि 15.68 करोड़ रुपये है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य कम बजट में तैयार होने वाली तमिल फिल्मों को आर्थिक समर्थन देना है। इसके साथ ही ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करना भी योजना का हिस्सा है, जिनकी कहानियां समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाती हैं।
2015 से 2022 के बीच बनी फिल्मों को मिला लाभ
इस सब्सिडी योजना के लिए वर्ष 2015 से 2022 के बीच बनी फिल्मों का चयन किया गया। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एस.के. कृष्णन की अध्यक्षता में चयन समिति गठित की गई थी। समिति ने निर्धारित मानकों के आधार पर फिल्मों और उनके निर्माताओं को सहायता के लिए चुना।
कार्यक्रम में मंत्री राजमोहन ने सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने भरथिराजा की फिल्म ‘करुथम्मा’ का उदाहरण देते हुए बताया कि सिनेमा मनोरंजन के साथ समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावी जरिया भी है। कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर मुद्दों को उठाने वाली फिल्मों की भूमिका को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
तमिल सिनेमा को बढ़ावा देने की कोशिश
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि भविष्य में तमिल सिनेमा के राज्य पुरस्कार योग्यता और निष्पक्षता के आधार पर दिए जाएंगे। इससे फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मकता और बेहतर काम को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

