दृश्यम 3 को लेकर बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन से जुड़ी एक खबर इन दिनों चर्चा में है। अजय देवगन इन दिनों एक तरफ अपनी फिल्म ‘दृश्यम 3’ की सफलता का जश्न मना रहे हैं, जिसकी कमाई आसमान छू रही है और ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है वहीं दूसरी तरफ मुंबई के जुहू इलाके में स्थित उनके बंगले पर मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कथित अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। जानकारी के मुताबिक, बंगले में बिना जरूरी अनुमति किए जा रहे बदलावों को लेकर नगर निगम ने पहले नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद काम जारी रहने के आरोपों के बाद निर्माण के कुछ हिस्सों को तोड़ा गया। इस कार्रवाई के सामने आने के बाद अभिनेता की संपत्ति और निर्माण संबंधी नियमों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले में मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा था। बीएमसी का आरोप है कि इस दौरान कुछ ऐसे बदलाव किए जा रहे थे, जिनके लिए आवश्यक नगरपालिका अनुमति नहीं ली गई थी। इनमें अंदरूनी हिस्सों में फेरबदल, विभाजन की दीवारें खड़ी करना, खिड़कियों में बदलाव और दूसरे निर्माण कार्य शामिल बताए जा रहे हैं।
नगर निगम ने इन गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए काम रोकने का निर्देश दिया था। हालांकि, आरोप है कि नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य बंद नहीं हुआ। इसके बाद बीएमसी ने आगे कदम उठाते हुए कथित अनधिकृत निर्माण के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। फिलहाल, इस मामले में सामने आई जानकारी के आधार पर कार्रवाई को अनुमति संबंधी नियमों से जुड़ा बताया जा रहा है।
10 सितंबर को जारी हुआ था नोटिस
रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी ने 10 सितंबर 2026 को मुंबई महानगरपालिका अधिनियम की धारा 354A के तहत नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में नवीनीकरण का काम तत्काल रोकने और निर्माण से संबंधित जरूरी दस्तावेज तथा अनुमतियां पेश करने के निर्देश दिए गए थे।
बताया जा रहा है कि निर्धारित निर्देशों के बावजूद काम जारी रहने के कारण नगर निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की। शनिवार को हुई इस कार्रवाई की कुछ तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें निर्माण के हिस्सों को हथौड़े की मदद से हटाते हुए देखा जा सकता है।
7,802 वर्ग फुट में फैला है बंगला
अजय देवगन का यह बंगला मुंबई के पॉश जुहू इलाके की कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसका क्षेत्रफल करीब 7,802 वर्ग फुट है। इसी संपत्ति में कथित तौर पर बिना आवश्यक मंजूरी के आंतरिक बदलाव किए जा रहे थे। जिसके चलते बीएमसी ने ये कदम उठाया है।

