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बहुचर्चित निठारी कांड से सुर्खियों में आया सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर की आत्महत्या

बहुचर्चित निठारी कांड से सुर्खियों में आया सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर की आत्महत्या

हरिद्वार। करीब दो दशक पुराने निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को उसका शव भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित एक चाय की दुकान के अंदर फंदे से लटका मिला। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की परिस्थितियों और कारणों की पुलिस जांच कर रही है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।

कुछ दिनों से चला रहा था चाय की दुकान
पुलिस को घटना की सूचना सप्तऋषि पुलिस चौकी क्षेत्र से मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो दुकान के भीतर सुरेंद्र कोली का शव मिला। उसकी पहचान उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के मंगरुखाल गांव निवासी के तौर पर हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और हाल में भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान चला रहा था। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है और मामले की जांच जारी है।

2006 में सामने आया था निठारी कांड
सुरेंद्र कोली का नाम वर्ष 2006 में नोएडा के निठारी इलाके से सामने आए चर्चित हत्याकांड के बाद देशभर में सुर्खियों में आया था। नोएडा के सेक्टर-31 स्थित डी-5 मकान के आसपास कई बच्चों और युवतियों के लापता होने तथा मानव अवशेष मिलने के बाद मामले की जांच ने व्यापक रूप लिया था। कोली उस मकान में घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था।

मौत से पहले कानूनी लड़ाई में मिली थी राहत
निठारी मामले में कोली को लंबे समय तक दोषी ठहराया गया और एक मामले में उसे मृत्युदंड भी सुनाया गया था। बाद में 2015 में उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला गया। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया कई वर्षों तक चली।

सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समान साक्ष्य पर आधारित 12 मामलों में कोली को बरी किया था। जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की अपीलें खारिज करते हुए इन बरी किए जाने के आदेशों को बरकरार रखा। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट के एक अन्य फैसले में भी उसके खिलाफ बचा अंतिम मामला कानूनी जांच के दायरे में आया और अदालत ने परिस्थितियों को असाधारण बताते हुए क्यूरेटिव याचिका पर विचार किया था। अब हरिद्वार में उसकी मौत के बाद पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच कर रही है। फिलहाल मौत के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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