• info@thevaarta.com

आशुतोष रांका और सौरव दास की बेल पर सुनवाई से पहले मजिस्ट्रेट को धमकी, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

आशुतोष रांका और सौरव दास की बेल पर सुनवाई से पहले मजिस्ट्रेट को धमकी, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

दिल्ली में CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की जमानत का मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत पर सुनवाई से पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) को कथित तौर पर धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। धमकी की खबर सामने आने के बाद रविवार को प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और धमकी देने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

मजिस्ट्रेट को धमकी मिलने के बाद नहीं हो सकी सुनवाई
आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत को लेकर रविवार को सुनवाई होनी थी। हालांकि, सुनवाई से पहले मजिस्ट्रेट को धमकी दिए जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस घटनाक्रम के चलते दोनों नेताओं की हिरासत से जुड़े मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी असर पड़ा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित धमकी किसने दी और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच एजेंसियां मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

13 अक्टूबर को जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए थे नेता
आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को स्पेशल कोर्ट ने दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया था।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों नेता जंतर-मंतर के बंद गेट को पार करके प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। उस समय जंतर-मंतर को संबंधित प्रदर्शन के लिए अधिसूचित स्थल नहीं बताया गया था। इसी घटनाक्रम के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।

CJP ने दी थी कानूनी कदम उठाने की चेतावनी
इस मामले में CJP ने शनिवार को कहा था कि संगठन ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह ली है। संगठन ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि रविवार तक दोनों नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह कानूनी कार्रवाई करेगा।

CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में नेताओं की हिरासत और अब मजिस्ट्रेट को कथित धमकी दिए जाने की घटना ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
मजिस्ट्रेट को धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान करने और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की चुनौती है। वहीं, आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत से जुड़े मामले में अगली सुनवाई कब होगी, ये भी स्पष्ट नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply